जिस्मानी रिश्तों की चाह-50
सम्पादक जूजा तीन दिन से आपी हमारे कमरे में नहीं आई…
उन दिनों की यादें-2
प्रेषक : गुल्लू जोशी कहानी का पहला भाग: उन दिनों क…
मदमस्त अंगड़ाई
प्रेषक : रवि सिंह बात उन दिनों की है जब मैं 19 साल…
पहला सच्चा प्यार-3
प्रेषक : राजीव मैंने कहा- ठीक है जैसा तुम कहो, लेक…
होली के नशे में
विजय अग्रवाल, दिल्ली हम पांच दोस्त हैं, सभी शादीशुदा…
अन्तर्वासना की प्रशंसिका का इंटरव्यू-3
हम दोनों एक होटल में रुक गए और मैंने अर्श को कमरे …
पूरे हुए सपने-1
होली है ही मस्ती का त्यौहार! हर एक के अन्दर की कामुक…
अन्तर्वासना की प्रशंसिका का इंटरव्यू-5
अर्श को पेशाब लगी थी मैं उससे अपने मन की बात कही औ…
जिस्मानी रिश्तों की चाह-51
सम्पादक जूजा अब तक आपने पढ़ा.. आपी ने मेन गेट के पा…
Naukar Aur Meri Mummy
Hi friends aap sabhi ne story ka 6th part padha h…