सन्देश
दो वेश्याएं अपनी कार से शहर में ग्राहक की तलाश घूम …
नौकरी मिलने की पार्टी-1
दोस्तो, मेरी कहानियों पर बहुत से अनजान मित्रों के म…
नौकरी मिलने की पार्टी-2
शनिवार को मेरा इंटरव्यू था। नियत समय पर मैं गया। क…
भाभी के मटकते चूतड़
मेरा नाम जय है, मैं राजकोट में अपने माता-पिता के …
Colony Me Kamai Kri
Hello me kabir fir se apni story pesh krta hun jo…
सन्ता और प्रीतो के चुटकुले-3
एक दिन एक सन्ता अपने अपार्टमेन्ट में बहुत ही गुस्से क…
लंहगा और सलवार
एक रोज़ सिन्धी और मारवाड़ी दो सहलियो की बाज़ार में मु…
खामोश शर्मिन्दगी
बहुत देर से रेलवे आरक्षण की लम्बी कतार में खड़े रहने…
निशा का प्रारब्ध-1
लेखक : जूजा जी “निशा जल्दी करो, स्कूल के लिए देर हो…
बरसात की एक रात पूनम के साथ-2
तभी बारिश आ गई। हम दोनों नीचे आते आते पूरे ही भीग…