मनोरमा और शिवाली

हेलो दोस्तो, हैरी का नमस्कार ! कैसे हैं आप? सबके बह…

जिस्मानी रिश्तों की चाह -55

सम्पादक जूजा आपी ने अपने सर पर और बदन के गिर्द चादर…

Meri Aatmkatha

Doston mein apne bare mein bata doon mein ek hand…

मेघा की तड़प-3

अदिति अपनी सफ़ल हुई योजना से खुश थी। जो वो मेघा को…

केले का भोज-8

वह फिर मुझ पर झुक गई। कम से कम आधा केला अभी अन्दर …

मेघा की तड़प-4

रात को दस बजे प्रकाश अदिति को लेकर घर आ गये थे। अद…

केले का भोज-7

नेहा ने जब एक उजला टिशू पेपर मेरे होंठों के बीच द…

केले का भोज-1

प्रिय पाठको, आपने मेरी पिछली कहानियों स्‍वीटी और पु…

मुझे जीना सिखा दिया-3

अरे हाँ.. काजल कहाँ है? सोचते हुए मैंने भी निगाह …

चिरयौवना साली-20

जीजाजी से मेरी रोजाना बात होती थी और उनकी बातों क…