किस्मत ने साथ दिया
प्रेषक : अविनाश मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ औ…
पहले प्लेटफ़ार्म पर फिर ट्रेन में टी.सी.
प्रणाम दोस्तो, एक बार फिर से आपका गांडू सनी आपके लि…
बदतमीज़ की बदतमीज़ी-2
प्रेषक : बदतमीज़ मुझसे है तेरी शत्रुता तो जान मेरी ज…
मेरे बचपन का प्यार
मेरा नाम अदित है, आज मैं अपनी पहली कहानी लिखने जा…
चूत की खिलाड़िन-3
देवर से मस्ती का खेल आज से शुरू हो गया था। मैं देव…
अकबर और बीरबल: गडरिया
प्रस्तुतकर्ता : छुपा रुस्तम अकबर के दरबार में नौ रत्न …
अपने घर बुला कर चुदवाती थी
प्रेषक : विलियम यह मेरी पहली कहानी है। बात उस समय …
चूत की खिलाड़िन-5
चमेली को हटाते हुए ससुर ने उसे बिस्तर पर लेटा दिया…
यादगार सफ़र
प्रेषक : आनन्द सिंह मेरा नाम अमन है और यह मेरी अन्तर्…
दिल का क्या कुसूर-9
मुझे लगा कि इस बार मैं पहले शहीद हो गई हूँ। अरूण …