वो कच्ची कलियाँ तोड़ गया

प्रेषिका : सिमरन सिंह मेरा नाम सूर्यप्रभा है, मैं अट्…

सोफिया की मजबूरी

प्रेषक : जो हन्टर रोज की तरह मैं और दिव्या अपने ऑफ़िस…

तांत्रिक की साधना

प्रेषक : अरनब बनर्जी मैं अन्तर्वासना की एक नियमित पाठ…

रानी के साथ एक रात

कई सालों के बाद मैं अपने मामा के पास गया था। मेरे…

भाई का कारनामा

मेरा नाम संजय है. यह मेरी पहली कहानी है, सच है या…

मज़ा आने वाला है

प्रेषक – शाम नमस्ते दोस्तों मेरा नाम शाम है। अब मैं …

बात एक रात की

बनारस में कहावत है कि किसी जवान लड़की की गाण्ड देख …

तोड़ा तृप्ति की सील को

प्रेषक : डी के डॉन तृप्ति रविवार को मेरे ऑफिस में आ…

मैं नहाने जा रही हूँ

एक बार मैं फिर आपके सामने अपनी नई कहानी के साथ हा…

टॉप नहीं फड़वाना चाहती

प्रेषक : राहुल मैं राहुल हूँ। मेरे परिवार में हम च…