छैल छबीली-1

“सुनो भाई, कोई कमरा मिलेगा?” “वो सामने पूछो!” मैं…

रीटा की तड़पती जवानी-8

रीटा बोली- नहीं, थोड़ा ऊपर करिये तो बताती हूँ. बहा…

मेरी जवानी की गलतियाँ-2

प्रेषिका : सिमरन सोधी पिछ्ले भाग में आपने मेरी पहली…

शादी का लड्डू-2

शादी का लड्डू-1 उसने बैठ कर मेरी टांगें ऊँची करके…

अब मैं किससे प्यार करूँ-3

प्रेषक : संजय सिंह मैंने उसकी आँखों में आँखें डाल …

अच्छी नींद आएगी

प्रेषक : अक्षय कुमार ओझा तो भाई लोगो, मैं अपनी कहान…

मेरी जीवन यात्रा-2

मेरी कहानी मेरी जीवन-यात्रा का आरम्भ अन्तर्वासना पर ज…

कामुक रेखा

प्रेषक : प्रेम अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा सलाम…

जिंदगी भर फ्री

प्रेषक : अक्षय सिंह दोस्तो, आप सभी को अक्षय का सलाम। …

सपना पूरा हुआ

प्रेषक : राज दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का पाठक हूँ और म…