शूल
प्रेषिका : स्लिम सीमा कल बुआ का श्राद्ध विधि-विधान से…
शीशे का ताजमहल-2
कहानी का पहला भाग : शीशे का ताजमहल-1 शबनम ने दीव…
शीशे का ताजमहल-1
शबनम का बैठकखाना खूबसूरती से सजा हुआ था, कमरे की …
प्यासी उर्वशी
प्रेषक : करन सिंह सभी आदरणीय पाठकों को मेरा अभिवाद…
प्यासी दुल्हन -3
रात के सात बज रहे थे, भाभी के साथ मैंने खाना बनाय…
Chodne K Liye Bahan Banaya
Hi dosto mera nam anant hai mai Raipur ka rahne w…
सावन में मस्ती..
प्रिय मित्रो.. मेरा नाम लक्ष्मी है, मैं दिल्ली में रहत…
बस दो ही कमियाँ हैं
मैं अन्तर्वासना का नियमिक पाठक हूँ। मैं आप सब को अप…
किरदार-2
प्रेषिका : स्लिमसीमा “तुम यह काम क्यों कर रही हो? मह…
लड़कियों की मारता हूँ
यह कहानी केवल मनोरंजन के लिए है जिनका वास्तविक जीव…