मराठी कहानी : अहो पत्नी जर चव बदलायची असेल -1

‘अहो’ ‘काय?’ ऐकल का ? ‘काय म्हणतेस?’ ‘ती कुसुम भेट…

कमसिन यौवना मुझसे चुदाने को उतावली

वो हुस्न की कोई परी नहीं थी। न ही वो मेरे उम्र की थ…

चूत जवां जब होती है- 3

‘हाँ, अंकल, मैं जल्दी ही उठती हूँ न, वो मोर्निंग वा…

चाची की सर्दी भतीजे ने दूर की -2

मगर तभी दरवाजे की घंटी बज गई। मैंने झट से वीरेन क…

मैडम ने गुरु दक्षिणा में लन्ड मांगा

हाय फ्रेंड्स.. मैं जुनेद भोपाल से हूँ। आज मैं आप सब…

मेरा गुप्त जीवन- 134

थोड़ी देर बाद मुझको एक फ़ोन कॉल आया जो लखनऊ से था औ…

दीपिका की पहली चुदाई स्टोर रूम में

दोस्तो, मेरा नाम राहुल है, यह मेरा बदला हुआ नाम है…

चचेरी भाभी का खूबसूरत भोसड़ा -5

अब तक आपने पढ़ा था कि भाभी ने अपनी चूत में मेरा लण्…

मेरा गुप्त जीवन- 131

कम्मो ने थोड़ी देर में ज़ोर से कहा- ज़ूबी तुम्हारा समय…

मां बहन से खुल्लम-खुल्ला चूत चुदाई का खेल

दोस्तो, मेरा नाम राहुल (बदला हुआ नाम) है। मैं अभी …