तरक्की का सफ़र-5

सुबह मैंने देखा कि प्रीती हाथ में चाय का कप लिये म…

भैया ने बाज़ी मारी

मैं शहर की एक घनी आबादी में रहती हूँ। आस पास दुका…

ट्रेन में मस्ती बहुत की

प्रेषक – गणेश नमस्कार दोस्तों मैं गणेश, पुणे में रहत…

तरक्की का सफ़र-17

मेरे घर में एक पार्टी थी। मैंने एक खेल रखा था और स…

तरक्की का सफ़र-11

राज अग्रवाल एक दिन ऑफिस में शाम को जब काम खतम हो ग…

मजा और सजा

लेखक : जो हन्टर सहयोगी : कामिनी सक्सेना यह कहानी ती…

तरक्की का सफ़र-9

राज अग्रवाल प्रीती अब बहुत खुश थी कि उसने महेश से अ…

मार डाला रे!

मैं ग़ुड़गाँव से हूँ। मैं 25 साल का हूँ और मैं हर व…

स्वतन्त्रता दिवस

प्रेषक : आशीष उज्ज्वल हाय दोस्तों, मेरा नाम आशु है। म…

अंकल ने गांड की सील तोड़ी

प्रेषक : राहुल प्यारे दोस्तो ! मेरा नाम राहुल है, जी…