मदमस्त अंगड़ाई
प्रेषक : रवि सिंह बात उन दिनों की है जब मैं 19 साल…
स्कूल की सजा का मज़ा-1
कैसे हो दोस्तो ! मैं राज एक बार फिर से आप सबके लिए…
पहला सच्चा प्यार-3
प्रेषक : राजीव मैंने कहा- ठीक है जैसा तुम कहो, लेक…
बीवी की सहेली-1
प्रणाम पाठको, आपका धन्यवाद कि आपने मेरी कहानियाँ पढ़…
Ladke Ko Bnaya Ladki
Hello dosto, mera naam Rajan hai aur aaj main apk…
जिस्मानी रिश्तों की चाह-51
सम्पादक जूजा अब तक आपने पढ़ा.. आपी ने मेन गेट के पा…
दो चुदक्कड़ चूतें और मैं अकेला-2
दोस्तो, आपने अब तक पढ़ा था कि मैं चण्डीगढ़ से पूनम को…
जिस्मानी रिश्तों की चाह-49
सम्पादक जूजा मैं झुंझलाते हुए ही बाहर गया और अब्बू …
ना जाओ सैंया छुड़ा के बईंयाँ
पाठकों को बहुत-बहुत प्यार और नमस्कार। मैं जय कुमार …
आप कुछ ऐसा करो-2
प्रेषक : संजय शर्मा, दिल्ली अगली रात को मेरे कहने पर…