तीसरी कसम-7
प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना “जिज्जू ! एक बात सच बोलूँ…
तीसरी कसम-9
प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना मैं जैसे ही बेड पर बैठा …
तेरी याद साथ है-23
“प्लीज मुझे जाने दो और तुम भी जल्दी से तैयार होकर ऊ…
चूत एक पहेली -87
अब तक आपने पढ़ा.. पायल की बात सुनकर सबको झटका सा ल…
फेसबुक सखी-1
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार। आपने मेरी लिखी…
तेरी याद साथ है-27
ईश्वर ने चुदाई की तड़प हम मर्दों से कहीं ज्यादा औरतों…
फेसबुक सखी-2
स्नेहा रीमा से बात करने लगी। रीमा उसे कुछ बोली, बद…
पोकर के जोकर
मैं श्रेया आहूजा आपके सामने फिर पेश हूँ इस बार आपब…
प्रगति की आत्मकथा -2
प्रेषिका : शोभा मुरली ऑफिस का एक कमरा बतौर गेस्ट-रू…
शर्मीला की ननद-2
कहानी का पहला भाग : शर्मीला की ननद-1 सिगरेट जलाते …