मेरा गुप्त जीवन -60
कुछ दिन ऐसे ही बीत गए और हम सिर्फ कम्मो, पारो और मै…
मेरी बीवी की उलटन पलटन-7
कई दिन बाद: उस दिन उपिन्दर और अंशु अपने अपने काम स…
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -4
मुझे तो ऐसा लगा कि कहीं मम्मी के होंठ छिल न जाये। …
मेरा गुप्त जीवन -62
दो दिन बाद जब मैं कॉलेज से घर आया तो कम्मो ने बताय…
मेरा गुप्त जीवन-63
शाम को मम्मी का फ़ोन आया कि दूर के रिश्ते में पापा क…
चूत एक पहेली -1
हैलो दोस्तो.. मैंने सोचा था कि अब ‘बहन का लौड़ा’ कह…
तीन पत्ती गुलाब-24
किसी भी कहानी या कथानक को लिखने में लेखक को बहुत …
तीन पत्ती गुलाब-25
कई बार मुझे संदेह होता है कहीं मधुर जानबूझ कर तो …
एक भाई की वासना -44
सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. जाहिरा ह…
The fuck boy (Badhte rishte)-11
Dosto agar kahani pasand aa raha ho to [email pro…