कुंवारी भोली–6
शगन कुमार मैं खाना गरम करने में लग गई। भोंपू के स…
तेरी याद साथ है-12
प्रेषक : सोनू चौधरी “दोनों बहनें बिल्कुल समझदार हैं…
खुली आँखों का सपना-1
एक बार फिर अपनी नई कहानी लेकर आया हूँ मैं राजवीर!…
रचना का खेल
कुट्टी सर के साथ मस्ती करके दिल्ली से वापिस आने के च…
Rima Bhabhi
Hi Readers Yeh mera pehla and sachi kahani he, me…
तेरी याद साथ है-10
प्रिया ने भी मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चू…
पहला आनन्दमयी एहसास -2
अन्तर्वासना के सभी पाठकों का एक बार फिर से मेरा तहे…
तेरी याद साथ है-19
प्रेषक : सोनू चौधरी “प्लीज जान…अपने हाथ ऊपर करो और …
सभी को मौका मिलता है
प्रेषक : रौनक मकवाना मेरा नाम रौनक है, मैं मुंबई क…
अब दिल क्या करे-1
प्रेषक : राज कार्तिक क्या करे बेचारा दिल जब कोई हसीन…