असीमित सीमा-1
लेखक : जवाहर जैन अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्का…
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -2
‘क्या आप इस संडे को मिल सकते हैं?’ उसने एक पल भी ग…
जेम्स की कल्पना -1
कहानी के बारे में – दो दम्पति अपने साथियों की अदला…
दूसरी विदाई
हाय दोस्तो, काम के सिलसिले में मुझे झारखण्ड के एक छ…
पैसे का सफर
अन्तर्वासना के प्यारे पाठकों को आपकी अपनी अर्चना का प्…
Train Se Bed Tak – Part III
Hello doston ek fir lucky ka sabko thanks mujhe m…
फिर से पट कर गाण्ड मरवा ली
हैलो दोस्तो, में आपकी प्यारी पूर्वा जैन आप लोगों ने …
जेम्स की कल्पना -3
लगभग एक साल लगे कल्पना को इस घटना पर थोड़ा थोड़ा बात…
चूत एक पहेली -82
अब तक आपने पढ़ा.. कोमल- अच्छा ठीक है.. ठीक है.. यह …
डर से बना कुत्ता
तन्हा आवारा नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम जय है, मेरा लंड…