एक ख्वाहिश

ख्वाहिशें सच में बहुत अजीब होती हैं। अन्तर्वासना पर …

बिन मेहनत घर में लौड़ा मिल गया

प्रणाम मेरे लवर्स को, मेरे आशिकों को, मेरे पाठकों क…

चूत से चुकाया कर्ज़-1

प्रेषक : अरुण हाय दोस्तो… आपकी शालिनी भाभी एक बार फ…

आसान काम नहीं है-1

सुबह दूध वाले भैया को तड़पाने के बाद मैंने अपने मि…

जिस्मानी रिश्तों की चाह -9

सम्पादक जूजा कंप्यूटर स्क्रीन उनके सामने थी और की बोर्…

जब पहली बार मुझे सेक्स के बारे में पता चला-2

पिछले भाग में आपको मैंने बताया था कि मेरे दोस्त अश…

आम हारे, चीकू जीते

अपना पिछला करतब करने के बाद मेरी तबीयत नासाज हो ग…

लिफ़्ट देने के बाद

प्रेषक : स्वप्निल हेलो दोस्तो, मेरा नाम नील है, मैं प…

मामीजान के साथ सुहागरात

एक दिन मेरे मामू और मामीजान हमारे घर मिलने आये क्य…

प्यार में चुदाई की दास्तान.. जिसमें धोखा मिला

दोस्तो.. मेरा नाम नरेश है.. मैंने अन्तर्वासना पर बहु…