जेम्स की कल्पना -6

कल्पना को अपने आसपास खाली-सा लग रहा था। वह भी कुछ …

अनजानी और प्यासी दिव्या-1

मेरी पिछली कहानी स्नेहल के कुँवारे बदन की सैर को आ…

कमाल की हसीना हूँ मैं-30

मेरे ससुर ताहिर अज़ीज़ खान जी मुझे ऊपर से नीचे तक क…

चूत एक पहेली -90

अब तक आपने पढ़ा.. सन्नी- बहुत खूब पायल.. मुझे तुमसे…

Meri Pehli Chudai

Hello friends, mera naam hai SUDU. A bit funny na…

कमाल की हसीना हूँ मैं-44

घंटे भर बाद ही एक सेमीनार था जो ससुर जी ने मुझे अ…

गेटपास का रहस्य-1

सुनीता की शादी होने के बाद एक बार फिर से मैं तन्हा…

मुंह बोला भाई- बहनचोद

कुमार रवि मेरा कोई सगा भाई नहीं है इसलिए जब भी रा…

कमाल की हसीना हूँ मैं-46

शहनाज़ खान इस दौरान मैं कई मर्तबा झड़ी और मेरी चूत न…

अप्रैल 2016 की लोकप्रिय कहानियाँ

प्रिय अन्तर्वासना पाठको अप्रैल महीने में प्रकाशित कहान…