चूत की खिलाड़िन-7

ससुरे की तारीफ़ थी, 50 का हो रहा था लेकिन इतनी गरम…

अकबर और बीरबल: गडरिया

प्रस्तुतकर्ता : छुपा रुस्तम अकबर के दरबार में नौ रत्न …

अपने घर बुला कर चुदवाती थी

प्रेषक : विलियम यह मेरी पहली कहानी है। बात उस समय …

किस्मत ने साथ दिया

प्रेषक : अविनाश मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ औ…

चूत की खिलाड़िन-6

कुछ देर बाद उसने मेरी चूत में 3-4 धक्के और मारे और…

शालिनी ने जो चाहा वो पाया-1

दरअसल अन्तर्वासना की वजह से सेक्स, उत्तेजना और कामुकत…

मस्त शाम और कुसुम जैसा ज़ाम

प्रेषक : मोहित रोक्को देसी बॉय नमस्कार दोस्तो, मेरा न…

शालिनी ने जो चाहा वो पाया-2

नहाते समय उसने जो कुछ देखा, महसूस किया और उसके बा…

शालिनी ने जो चाहा वो पाया-3

शालिनी के अभी तक के दोनों सेक्स अनुभव बाथरूम में ह…

दिल का क्‍या कुसूर-9

मुझे लगा कि इस बार मैं पहले शहीद हो गई हूँ। अरूण …