मेरा गुप्त जीवन- 17

यह प्रसंग कोई 10 मिन्ट तक चला और तब तक बिंदू की झिझ…

माही के प्यार की प्यास

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा तहे दिल से नमस्कार…

अठरह वर्ष पूर्व दिए गए वचन का मान रखा-2

लेखिका : नलिनी रविन्द्रन अनुवादक एवं प्रेषिका: तृष्णा…

बीवी की चूत चुदाई उसके भाई से -1

दोस्तो, नमस्कार.. बहुत दिनों से हम दोनों.. मतलब मैं…

Chudai Ki Lat Lag Gayi

Hi dosto mai Raj naam to suna hi hoga kaise hai a…

मेरे लण्ड का नसीब -3

अब तक आपने पढ़ा.. कुछ देर बाद हम दोनों बाथरूम में …

बहन का लौड़ा -67

अभी तक आपने पढ़ा.. दोस्तो, अगर आप लड़के हो तो प्लीज़ क…

दोस्ती और प्यार के बीच का अहसास-1

हैलो दोस्तो.. वैसे तो मैं अन्तर्वासना बहुत सालों से …

धोबी घाट पर माँ और मैं -14

माँ ने मेरे चेहरे को अपने होंठों के पास खींच कर म…

किराना दुकान वाली आंटी की चुदाई

दोस्तो, मैं राज… आज आज आपके सामने जीवन की एक सच्ची …