ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-4

प्रेषक : जूजा जी तभी शब्बो बोली- राजा इसकी सील तोड़न…

ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-1

प्रेषक : जूजा जी यह बात उस समय की है, जब मैं 18 सा…

पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -4

मुझे तो ऐसा लगा कि कहीं मम्मी के होंठ छिल न जाये। …

एक भाई की वासना -43

सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. एक मर्द क…

आंटी ने सिखाया-5

प्रेषक : अमन वर्मा थोड़ी देर में आंटी हाँफते हुए बोल…

मेरी चालू बीवी-5

सलोनी- ओके बेबी… अब पीछे से तो हट… जब देखो… कहीं …

चूत एक पहेली -1

हैलो दोस्तो.. मैंने सोचा था कि अब ‘बहन का लौड़ा’ कह…

एक भाई की वासना -42

सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. जाहिरा- …

आंटी ने सिखाया-7

अब तक आपने ‘आंटी ने सिखाया’ के 6 भाग पढ़े। सुषमा क…

मेरा गुप्त जीवन -61

रात को कम्मो से सोने से पहले मैंने बात की, मैंने उ…