एक भाई की वासना -48
सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. वो थोड़ा …
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -9
पापा मम्मी के चूचियों से चिपक गए। अब मेरा ध्यान पाप…
रूपा के संग प्यास बुझाई
प्रेषक : अमरीश पुरी प्यारे दोस्तो, नमस्कार। मेरा नाम …
मेरा गुप्त जीवन -67
फिर हम सब काफी थक चुके थे सो वो हम सब फर्श पर गद्दे…
गदराई लंगड़ी घोड़ी-7
“बस आंटी अब ज़रा इस अपनी इस मस्त गाण्ड को पीछे को उभ…
मेरा गुप्त जीवन-68
कम्मो बोली- यह सब कमाल है स्पेशल डिश का है, उसने जि…
Sushma And Padma’s Seal Opening
Sushma And Padma’s Seal Opening (సుష్మకి చాలా కృతజ్…
एक भाई की वासना -49
सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. जाहिरा अ…
Aur Hum Pyaase Hi Reh Gaye
मैं दीप पंजाबी, पंजाब से दोस्तों आपके सामने एक और …
गदराई लंगड़ी घोड़ी-6
प्रेषक : वीर सिंह इस कहानी के पांचवें भाग में आपने…