मेरा गुप्त जीवन- 114
मैं बोला- आप बेफिक्र रहिये यह सब हो जाएगा। अब आप क…
और काजल बेतकल्लुफ़ हो गई-3
उससे सीट-बेल्ट नहीं लग रही थी, वो परेशान होकर बोली…
मेरा गुप्त जीवन- 113
थोड़ी देर में मधु मैडम झड़ने के करीब पहुँच गई थी, उ…
अंजू और माया की फुद्दी-1
प्रेषक : आशीष आनन्द भैया कलकत्ता में जॉब करते थे। घर…
बुआ की सील तोड़ चुदाई -1
नमस्कार दोस्तो.. मेरा नाम जीत है, मैं जयपुर में रहत…
सपनों की काम-क्रीड़ा
प्रेषक : जयेश नमस्कार मित्रों ! मैं आपका जयेश फ़िर से…
मेरा गुप्त जीवन- 117
फिर उसने अपने गरम होंट मेरे होंटों पर रख दिए और ए…
पप्पू और इरफ़ान के चुटकुले- 1
इरफ़ान टी.वी पर FTV चैनल देख रहा था कि अचानक पप्पू …
अंजू और माया की फुद्दी-2
प्रेषक : आशीष जैसे ही हमने कपड़े पहने, भाभी आ गईं। …
मेरा गुप्त जीवन- 115
सरपट घोड़े को भगाते हुए उसको चोदने लगा और चंद मिनट…