कैसे कन्ट्रोल करूँ-1
जब से मुझे पर जवानी आई है, मन चुदने को करने लगा ह…
अंगूर का दाना-5
प्रेम गुरु की कलम से मैंने अपने एक हाथ की एक अंगु…
अठरह की उम्र में लगा चस्का-1
दोस्तो, मैं हूँ निशा, उम्र अभी सिर्फ इकीस साल की है …
अंगूर का दाना-8
प्रेम गुरु की कलम से मैं अपने विचारों में खोया था …
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-9
नेहा बोली अब तुम्हारे लिए बदनामी में भी नाम ही है …
अंगूर का दाना-7
प्रेम गुरु की कलम से ‘अम्मा बापू का चूसती क्यों नहीं…
कैसे कन्ट्रोल करूँ-2
कहानी का पिछ्ला भाग: कैसे कन्ट्रोल करूँ-1 अब तो जीज…
गोवा में सर्विसिंग
प्रेषिका : माया रानी मैं पिछले कई दिनों से यह कहान…
मेरा गुप्त जीवन- 173
हम ये बातें कर ही रहे थे कि जसबीर हल्के से भिड़े दर…
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-5
नीता बोली- आप तो मुझे बाद में चोदोगे, मैं तो रास्त…