चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-8
नेहा बोली- राहुल तुमने सच कहा था कि उंगली में वो …
चचेरी बहनें-2
प्रेषक : पाण्डेय कुमार उस रात हम लोगों ने दो बार चो…
लिंगेश्वर की काल भैरवी-4
(एक रहस्य प्रेम-कथा) मंदिर आ गया था। बाहर लम्बा चौड़ा…
दोस्त और उसकी बीवी ने लगाया ग्रुप सेक्स का चस्का-7
दोनों के जाने के बाद मैंने दीपा को गोदी में उठाकर…
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-14
मैं- जब मैं तेरी भाभी के नंगे बदन पर लेटा था तो त…
तीन सहेलियाँ
फ़ुलवा “और बता क्या हाल है?” “अपना तो कमरा है, हाल …
डॉक्टर संग सेक्स भरी मस्ती
कैसे हो दोस्तो…मैं शालिनी जयपुर वाली…याद तो हूँ ना…
यह कैसा मोड़-2
प्रेषक : विजय पण्डित “यह तो गार्डन है… किसी ने देख ल…
सोने के कंगन
दोस्तो, मेरा नाम निहारिका है, यह मेरी पहली कहानी ह…
जिस्मानी रिश्तों की चाह -1
सम्पादक जूजा दोस्तो, यह कहानी पाकिस्तान के एक लड़के स…