शरारती शायरी
उसके लिए हमने हर ख़ुशी को लौटने को कहा.. पर उसने ‘…
मकान मालकिन और उसके बेटे की चुदास -5
अब तक आपने पढ़ा.. दिव्या की तड़पती चूत संकुचित होते …
तड़फ़ाते बहुत हो-2
ज़िन्दगी का पहला प्यार कौन भूलता है, ये पहली बार होत…
प्यार से चोदो ना !
प्रेषक : रेहान अन्तर्वासना के सारे पाठकों को मेरा नम…
मेरा गुप्त जीवन- 125
मैंने सब मैडमों को बता दिया और उन्होंने फैसला लिया…
प्यार सेक्स या धोखा-2
गीत ने मेरा हाथ पकड़ा और पार्क में ले गई। हम दोनों …
मेरा गुप्त जीवन- 126
कम्मो हंस के बोली- वाह छोटे मालिक, आप और आपका यह ल…
मन कर रहा था लौड़ा लेने का
प्रेषिका : सोनाली हैलो दोस्तो, मेरा नाम सोनाली है। …
पहली चुदाई में सील टूटी और गांड फटी -2
अब तक आपने पढ़ा.. मैंने उसकी चूत पर अपना लण्ड लगा द…
योगेश का लौड़ा-2
मैं एक शाम घर में बैठा-बैठा बोर हो रहा था कि मुझे…