आज दिल खोल कर चुदूँगी-13

नेहा रानी के तरफ से अन्तर्वासना के पाठकों और मित्रों…

मां बहन से खुल्लम-खुल्ला चूत चुदाई का खेल

दोस्तो, मेरा नाम राहुल (बदला हुआ नाम) है। मैं अभी …

कमाल की हसीना हूँ मैं-32

“आज मैं आपके बेटे की बीवी हूँ।” “लेकिन पहले तू मे…

कमाल की हसीना हूँ मैं-16

“शहनाज़ ! बहुत टाईट है तुम्हारी…” कहते हुए फिरोज़ भा…

मेरा गुप्त जीवन- 131

कम्मो ने थोड़ी देर में ज़ोर से कहा- ज़ूबी तुम्हारा समय…

चचेरी भाभी का खूबसूरत भोसड़ा -5

अब तक आपने पढ़ा था कि भाभी ने अपनी चूत में मेरा लण्…

कमाल की हसीना हूँ मैं-34

“मम्मऽऽऽ… शहनाज़… मीऽऽऽऽ… ऊँमऽऽऽऽ… तुम बहुत सैक्सी ह…

नवाजिश-ए-हुस्न-3

लेखक : अलवी साहब पूरी बस खाली थी, हम दोनों अन्दर अ…

कमाल की हसीना हूँ मैं-31

कुछ देर बाद हम वहीं आराम करके अपने कपड़े पहन कर बा…

दीपिका की पहली चुदाई स्टोर रूम में

दोस्तो, मेरा नाम राहुल है, यह मेरा बदला हुआ नाम है…