नवाजिश-ए-हुस्न-4

लेखक : अलवी साहब सीढ़ियाँ उतरते मुड़ के वापस उसके प…

पर पुरुष समर्पण-2

मधुरेखा लेकिन उसने बिना कुछ बोले फ़िर से मेरे लबों…

कमाल की हसीना हूँ मैं -9

शुरू-शुरू में तो मुझे बहुत शर्म आती थी। लेकिन धीरे…

सलमा और इरफ़ान के चुटकुले-1

सलमा इरफ़ान का औजार देखकर बोली: मेरे लाल! मेरा सोन…

संगीता का संगीत

लेखक : जूजा जी यह कहानी उन दिनों की है, जब मुझ पर…

चुद गई नौकरानी मुझसे

दोस्तो, लड़की को उत्तेजित करके चोदने में बड़ा मज़ा आता…

कमाल की हसीना हूँ मैं -8

मेरे जिस्म पर कपड़ों का होना और ना होना बराबर था। स…

टिप टिप बरसा पानी-1

प्रेमशिर्ष भार्गव “टिप–टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगा…

पर पुरुष समर्पण-1

पर-पुरुष सम्मोहन से आगे: उस दिन वो तो चला गया पर म…

Nafrat Se Pyaar Tak

A lovely hello to all sex lovers i am back with m…