जिस्म की जरूरत-7

उफ्फ… वो मखमली एहसास उन चूचियों का… मानो रेशम की द…

धोबी घाट पर माँ और मैं-4

माँ ने मेरे हाथ को अपने हाथों में ले लिया और कहा-…

रश्मि और रणजीत-6

फारूख खान करीब 15 मिनट के बाद रणजीत एक बाइक से आय…

जिस्म की जरूरत-1

दोस्तो, मैं समीर चौधरी.. सत्ताईस साल का एक सामान्य य…

रश्मि और रणजीत-4

फारूख खान रणजीत दोनों हाथों से उसकी दोनों चूचियों…

बहन का लौड़ा -56

अभी तक आपने पढ़ा.. ममता की चूत और गाण्ड को जम कर चो…

बहन का लौड़ा -55

अभी तक आपने पढ़ा.. राधे- नहीं मीरा.. मैंने पहले भी…

जिस्म की जरूरत-6

‘ठीक है समीर जी, अब तो रोज़ ही मिलना मिलाना लगा रह…

मेरा गुप्त जीवन -7

मेरा कम्मो से मिलना जारी रहा। लेकिन अब मैं महसूस क…

मेरा गुप्त जीवन- 10

चाय का खाली कप ले जाते हुए भी वो मुड़ कर मेरे लंड …