मेरा गुप्त जीवन- 154

फिर कम्मो रति को दीवार कूद कर उस के घर तक छोड़ आई औ…

मेरी बहन निशा की डायरी

यह कहानी मेरे एक दोस्त रोहित ने भेजी है आप उसी के …

लंड के मजे के लिये बस का सफर-5

अब मैं और रीतिका होटल के तरफ बढ़ चले, रीतिका के चे…

कामवासना पीड़िता के जीवन में बहार-1

एक औरत कामवासना के वशीभूत हो क्या क्या कर गुजरती है…

विशाल लंड से चुदाई का नया अनुभव-2

कहानी का पहला भाग: विशाल लंड से चुदाई का नया अनुभ…

लंड की मुट्ठ मार कर सो जाओ

मेरा नाम राजीव है.. मैं अभी नवी मुंबई में रहता हू…

प्रशंसिका ने दिल खोल कर चूत चुदवाई-7

उसके कहने से मैंने एक दारू की बोतल खरीद ली और तब …

फ़ेसबुक से मिली मालिनी भाभी की चुदाई-2

इस कहानी के पिछले भाग फ़ेसबुक से मिली मालिनी भाभी …

कम्प्यूटर सीखने के बहाने सेक्स का खेल-1

आप सभी अन्तर्वासना के पाठकों का धन्यवाद, जो आपने मेर…

लंड के मजे के लिये बस का सफर-1

दोस्तो, आप सभी को मेरा हृदय से आभार है कि आप लोगों…