मेरा गुप्त जीवन- 138

कम्मो फ़ौरन उठी और बाथरूम में चली गई और थोड़ी देर बा…

न लज्जा कामातुरानाम्-2

वास्तव में कपड़े लेना तो बहाना थे, हम दोनों को इस छ…

पैसों के लिए शादी कर बैठी-3

सबको प्यार भरी नमस्ते, इस नाचीज़ सीमा की खूबसूरत अदा…

सेक्स के प्रति सोच में आमूल परिवर्तन की जरूरत

परिवर्तन ही सृष्टि का दस्तूर है। मगर हममें से अधिकां…

सोनी दीदी की कामाग्नि-2

कहानी का पिछला भाग: सोनी दीदी की कामाग्नि-1 मैंने…

पैसों के लिए शादी कर बैठी-2

सबको प्यार भरी नमस्ते, इस नाचीज़ सीमा की खूबसूरत अदा…

मैं अपने जेठ की पत्नी बन कर चुदी -7

अन्तर्वासना के पाठकों को आपकी प्यारी नेहारानी का प्या…

जब संजना ने स्पेनिश लौड़ा लिया-1

दोस्तो, मैं आपकी दोस्त संजना, लुधियाना से एक बार फि…

Gulnaaz-1

Ye koi khani nahi balki mere jeevan ka hissa hai.…

मेरी अन्तर्वासना, मेरे जीवन की कुछ कामुक यादें -1

यह कहानी मेरी एक परिचिता की है.. सीधे उनकी स्मृतिय…