चिरयौवना साली-20
जीजाजी से मेरी रोजाना बात होती थी और उनकी बातों क…
मुम्बई से दुबई- कामुक अन्तर्वासना-8
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि ट्रेन में एक लड़की मिली ज…
चिरयौवना साली-21
लेखिका : कमला भट्टी मेरे गाँव से थोड़ी दूर कोई 10-1…
केले का भोज-3
मैंने योनि के छेद पर उंगली फिराई। थोड़ा-सा गूदा घि…
केले का भोज-6
ओ ओ ओ ओ ओ ह… खुद को शर्म में भिगोती एक बड़ी लहर, रो…
कांच का टूटना अधूरा शुभ होता है
नमस्कार दोस्तो.. मैं आपके लिए परिचित तो नहीं हूँ.. …
केले का भोज-1
प्रिय पाठको, आपने मेरी पिछली कहानियों स्वीटी और पु…
गाँव की मस्तीखोर भाभियाँ-1
नमस्ते दोस्तो.. जलगाँव ब्वॉय का आप सभी को प्यार भरा प्…
गोवा में मुठ मारने का झूठ
दोस्तो, मैं नीलेश अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ…
दोस्त की बीवी बनी माशूका-3
दो-चार धक्कों में ही मैंने अपना सारा माल नीता भाभी…