पार्टी की रात

प्रेषक : गौरव कुमार दोस्तो, आप सबको प्यार भरा नमस्कार…

एक रात मां के नाम-1

मुक्ता बेंजामिन ने यहीं से यानि गोवा (पंजिम) से ही…

कुट्टी सर के साथ यादगार पल-1

लेखिका : शालिनी मेरे ऑफिस के प्रबंधक एक दक्षिण भारत…

जब वी मेट-1

दोस्तो ! मैं अपने मित्र सुमित को विशेष रूप से धन्यवा…

कुछ इस तरह दिलाई मेरे मोबाइल ने चूत-2

अब तक आपने जाना कि मैं बेसब्री से सुबह का इंतज़ार क…

चूत की आग के लिए मैं क्या करती-10

सुनीता ने सुनील का लिंग मुँह में ले लिया, मैंने र…

एक अनार दो बीमार-2

लेखिका : कामिनी सक्सेना वो मेरे साथ ही बिस्तर पर ले…

एक अनार दो बीमार-1

लेखिका : कामिनी सक्सेना दो तीन वर्ष गाँव में अध्यापन…

चूत की आग के लिए मैं क्या करती-3

सुशील ने कहा- भाभी, मैं घर हो आता हूँ! माँ को कह …

मेरा भतीजा

प्रेषिका : तमन्ना कुरैशी मेरा नाम शांति (बदला हुआ) …