महकती कविता-2

महकती कविता-1 अब तो कविता का भी यह रोज का काम हो…

मासूम यौवना-5

जिसने कभी किसी पर-पुरुष को देखा नहीं, उसने 2010 ज…

स्वयंवर का सच-1

लेखक : प्रेम गुरु और अरमान मैं जानता था कि यह राखी…

एक खड़े लंड की करतूत

प्रेम गुरु की कलम से “अच्छा चलो एक बात बताओ जिस मा…

मुम्बई के सफ़र की यादगार रात-4

लेखक : सन्दीप शर्मा हम दोनों ने पाव भाजी खाई और उसक…

पुष्पा का पुष्प-1

सुबह की स्वच्छ ताजी हवा में गुलाब के ताजा फूलों की …

मुम्बई की गंध

“तेल भरवा लें !” कह कर रतन ने अपनी कार जुहू बीच ज…

मुम्बई के सफ़र की यादगार रात-5

लेखक : सन्दीप शर्मा उस वक्त वो क्या गजब की लग रही थी …

मेरी बेबाक बीवी-1

होली पर घटी यह घटना वास्तव में अप्रत्याशित थी। लेकिन…

आपकी गली सुंदर है

प्रेषक : राजेन्द्र चौहान मैं मुंबई से हूँ, मेरा नाम …