मेरा गुप्त जीवन- 112
अगले दिन पापा ने मुझको नाश्ते के टेबल पर बताया- बॉ…
मेरा गुप्त जीवन- 114
मैं बोला- आप बेफिक्र रहिये यह सब हो जाएगा। अब आप क…
कामदेव के तीर-1
मैं अपने ऑफिस में बैठा मेल चैक कर रहा था, इस बार …
वो लड़की भीगी सी-2
प्रेषक : इमरान ओवैश मैंने उसका आशय समझ कर अपने कपड़…
मेरा गुप्त जीवन- 113
थोड़ी देर में मधु मैडम झड़ने के करीब पहुँच गई थी, उ…
भैया जी अब मेरे सैंया जी
प्रेषिका : पायल गुप्ता अन्तर्वासना के सभी पाठकों को प…
मेरा गुप्त जीवन- 115
सरपट घोड़े को भगाते हुए उसको चोदने लगा और चंद मिनट…
Bhabhi Tera Devar Deewana
Hello dosto, mera naam hai Ravinder aur mujhe sab…
माँ-बेटियों ने एक-दूसरे के सामने मुझसे चुदवाया-7
मैंने मुस्कुरा कर कहा- अगर तुम मेरे सामने अपनी पैन्…
सम्पूर्ण काया मर्दन, सन्तुष्टि-2
मूल लेखक : सिद्धार्थ वर्मा सम्पादन सहयोग : उर्मिला उसक…