चूत शृंगार-3
वो समझ रहा था कि कमल मेरा पति है, मैंने भी नहीं ब…
एक भाई की वासना -36
सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. अचानक फै…
चूत शृंगार-6
“क्या मालूम मेमसाब सोती है कि देखती है। वैसे देखती…
मेरा गुप्त जीवन -48
इससे पहले मैं समझ पाता कि क्या हो रहा है मुझको अंद…
चूत शृंगार-8
“तुमने गलत नहीं समझा, मैंने चोदू ही बताया था। मैं…
गालियों भरी चुदाई
दोस्तो, अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है, उम्मीद …
शादी के बीस दिन बाद -1
हैलो दोस्तो, आपके लिए एक नई कहानी पेश है। बात तब क…
सविता बहन की रिबन कटाई
दोस्तो, मेरा नाम सविता अग्रवाल है। मैं आपके ही आस प…
एक भाई की वासना -29
सम्पादक – जूजा जी हजरात आपने अभी तक पढ़ा.. हम दोनों…
जी भर के चुदी मैं
मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम की नियमित पाठिका हूँ इसमें …