अकबर और बीरबल: गडरिया

प्रस्तुतकर्ता : छुपा रुस्तम अकबर के दरबार में नौ रत्न …

अपने घर बुला कर चुदवाती थी

प्रेषक : विलियम यह मेरी पहली कहानी है। बात उस समय …

मौसेरी बहन के साथ लण्ड-चूत की रेलम-पेल -4

अब तक आपने पढ़ा.. मैंने कहा- चलो एक बार फिर से सेक्…

किस्मत ने साथ दिया

प्रेषक : अविनाश मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ औ…

चूत की खिलाड़िन-6

कुछ देर बाद उसने मेरी चूत में 3-4 धक्के और मारे और…

मैं अपने जेठ की पत्नी बन कर चुदी -8

अन्तर्वासना के पाठकों को आपकी प्यारी नेहारानी का प्या…

शालिनी ने जो चाहा वो पाया-1

दरअसल अन्तर्वासना की वजह से सेक्स, उत्तेजना और कामुकत…

मेरा गुप्त जीवन- 138

कम्मो फ़ौरन उठी और बाथरूम में चली गई और थोड़ी देर बा…

मस्त शाम और कुसुम जैसा ज़ाम

प्रेषक : मोहित रोक्को देसी बॉय नमस्कार दोस्तो, मेरा न…

मैं अपने जेठ की पत्नी बन कर चुदी -7

अन्तर्वासना के पाठकों को आपकी प्यारी नेहारानी का प्या…