हाय दैया, इत्ता बड़ा !

आपने मेरी कहानियों को इतने चाव से पढ़ा और सराहा और…

प्यार की एक कहानी

प्रेषिका : गौरी हैलो दोस्तो, मैं गौरी आपके सामने अप…

सलमा के चुटकुले

एक बस में सभी सीटों पे मर्द बैठे हुए थे। एक लड़की स…

सपनों की काम-क्रीड़ा

प्रेषक : जयेश नमस्कार मित्रों ! मैं आपका जयेश फ़िर से…

बचपन की सहेली

लव कुमार नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम लव कुमार है, मेरी …

हुस्ना के बदन का आशिक़-1

प्रेषक : आशिक असलम मेरा नाम आशिक असलम है, मैं आपको…

गेटपास का रहस्य-2

दीप ने मयूरी के कान में कहा- क्यों क्या हुआ? पसंद न…

चलती बस में समलिंगी अनुभव

उस समय मेरी भी उम्र 25 रही होगी। मेरी शादी भी नहीं…

और काजल बेतकल्लुफ़ हो गई-1

अन्तर्वासना के मेरे सभी दोस्तों को अरुण का नमस्ते ! आ…

वो एक दिन

नमस्ते दोस्तो, मैं आज राघव नाम से कथा लिख रही हूँ। …