चूत एक पहेली -52

अब तक आपने पढ़ा.. पुनीत- पायल मानता हूँ तुम बड़ी हो…

राधा, मैं तुझ बिन आधा

लेखक : जोगी यारा मैंने पहली बार अन्तर्वासना डॉट कॉम…

नीला के चक्कर में-2

प्रेषक : राजा गर्ग हैलो दोस्तो, आप सबको आंटी के मज़े …

मेरा गुप्त जीवन- 112

अगले दिन पापा ने मुझको नाश्ते के टेबल पर बताया- बॉ…

चूत एक पहेली -54

अब तक आपने पढ़ा.. बस फिर क्या था आनन-फानन में अर्जुन…

प्रचण्ड मुसण्ड लौड़ा-2

पिंकू अब ईशान आदेश देने लगा था और ईशान मानने भी ल…

नीला के चक्कर में-1

यह कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसके चक्कर में मुझे न …

मेरा गुप्त जीवन- 115

सरपट घोड़े को भगाते हुए उसको चोदने लगा और चंद मिनट…

रेलगाड़ी में मिली एक यौवना

प्रिय दोस्तो, जैसा मैंने पिछली कहानी ‘दिल्ली की साक्ष…

चांदनी रात की ज्योति

प्रेषक : राहुल सिंह अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेर…