जिंदगी का सफर

प्रेषक : अर्चना जैन अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्…

रेल गाड़ी में 69

नमस्कार…मैं एक बहुत ही हंसमुख स्वभाव का पढ़ा लिखा इन्…

दोपहर में पूजा का मजा-3

प्रेषक : राज कौशिक मैं बोला- पूजा, दर्द होगा। “पता …

तेरी याद साथ है-9

प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने उसका हाथ पकड़ा और वापस अप…

तेरी याद साथ है-6

प्रेषक : सोनू चौधरी अपने कमरे में पहुँचा और कपड़े ब…

हैप्पी चोदिंग !

प्रेषक : मुकेश कुमार मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक …

अनजाने में

प्रेषिका : प्रिया शर्मा हेल्लो दोस्तो, मैं प्रिया गुजरा…

मेरे इम्तिहान की तैयारी-2

हेलो, मैं हूँ गोपी ! जी हाँ, मैं ही हूँ आपकी जानी…

मेरी शुरुआत -2

रात में दोनों चाचाओं ने मुझे चोदा और सुबह 8 बजे श्…

काम की चाह-3

दूसरे दिन मेरा पूरा बदन दर्द हो रहा था मेरे पूरे ब…