जवान रात
समय पीछे चला जाता है लेकिन उसकी कुछ खट्टी मीठी याद…
आप मुझे अच्छे लगने लगे
पिछले अक्टूबर की बात है … मेरी टीचर वत्सला की सगाई…
जीजाजी के जालिम छोकरे
जीजाजी के जंगल की ओर जाते ही शिव और मथारू ऊपर कमर…
पड़ोसन को चोदा
प्रेषक : हरीश अन्तर्वासना के प्यारे पाठको और सभी आंटि…
बरसात की रात में मालिश
लेखिका : कामिनी सक्सेना सहयोगी : रीता शर्मा मेरा ना…
सहेली की समस्या
यह पत्र रूपा वर्मा ने कामिनी सक्सेना को लिखा दोनों क…
होस्टल के मजे
प्रेषक : नीरज़ गुप्ता अन्तर्वासना के सभी साथियों को अभ…
फ़्रूट क्रीम
हैलो दोस्तो! मेरी पिछली कहानी मधु के साथ तीन दिन क…
लॉस एंजेलेस(अमेरिका) में प्रणय का अंकुर-1
“मैडम, आर यू फ्रॉम इंडिया?”(क्या आप भारत से आईं हैं…
आंचल के आँसू
लेखिका : आंचल शर्मा हाय दोस्तों ! मैं आंचल शर्मा जम्म…