विदुषी की विनिमय-लीला-7
लेखक : लीलाधर संदीप और इनका स्वाद एक जैसा था। सचम…
नव वर्ष की पूर्व संध्या-2
प्रेषिका : शालिनी कोई आधे घण्टे तक उसके लंड को चूसन…
मेरा हंसता खेलता सुखी परिवार-3
Mera Hansta Khelta Sukhi Parivar-3 मैंने उसके चूत…
विदुषी की विनिमय-लीला-1
पाठकों से दो शब्द : यह कहानी अच्छी रुचि के और भाषाई…
तेरी याद साथ है-21
प्रेषक : सोनू चौधरी मैंने बिना वक़्त गवाए अपने लंड क…
तेरी याद साथ है-16
प्रेषक : सोनू चौधरी रिंकी ने एक नज़र आईने पे डाली औ…
खुली आँखों का सपना-1
एक बार फिर अपनी नई कहानी लेकर आया हूँ मैं राजवीर!…
तेरी याद साथ है-15
प्रेषक : सोनू चौधरी उह्ह्ह…जान, थोड़ा धीरे करना…तुम्हा…
रेल गाड़ी में 69
नमस्कार…मैं एक बहुत ही हंसमुख स्वभाव का पढ़ा लिखा इन्…
रचना का खेल
कुट्टी सर के साथ मस्ती करके दिल्ली से वापिस आने के च…