लिंगेश्वर की काल भैरवी-5

(एक रहस्य प्रेम-कथा) मैं उसे चूमता हुआ नीचे मदनमंदि…

छैल छबीली-2

कहानी का पिछ्ला भाग : छैल छबीली-1 उसके पति शाम को…

लिंगेश्वर की काल भैरवी-3

(एक रहस्य प्रेम-कथा) आज हमारा खजुराहो के मंदिर देखन…

वो राधा थी-2

प्रेषक : जो हन्टर राधा धीरे से उठी…- मेरे माधो… मेर…

अपॉयंट्मेंट

मेरी 2 बजे की अपॉयंट्मेंट थी। एक हफ्ते पहले यह अपॉय…

शालू की गुदाई-2

लेखक : लीलाधर 21 मई का बेसब्री से प्रतीक्षित दिन ! ह…

रीटा की तड़पती जवानी-3

उस दिन घर पर रीटा के इलावा कोई भी नहीं था, मम्मी-ड…

मेरी शादी करवा दो-2

लेखिका : कामिनी सक्सेना “विवेक… तुम मुझे प्यार करते…

लच्छेदार झांटों वाली

प्रेषिका : श्रुति हेलो मेरा नाम श्रुति है, मेरी उम्र …

शालू की गुदाई-1

दोस्‍तो, आपने मेरी पिछली कहानी ‘केले का भोज’ को तह…