मेरा गुप्त जीवन-100

कुछ दिन हम सब बहुत व्यस्त रहे क्यूंकि 15 दिन के लिए …

प्रचण्ड मुसण्ड लौड़ा-2

पिंकू अब ईशान आदेश देने लगा था और ईशान मानने भी ल…

बैलगाड़ी की हसीन यात्रा

आज बहुत दिनों के बाद इस कहानी के माध्यम से आपसे मि…

मेरी सुप्रिया डार्लिंग-2

लेखक : रोहित मित्रो, मैं रोहित ! अपनी पिछली कहानी …

नीला के चक्कर में-3

प्रेषक : राजा गर्ग नीला को मैंने थोड़ी देर के लिए छो…

अगर खुदा न करे… -6

कॉफी खत्म करके हम एक-दूसरे का हाथ पकड़े ही कमरे तक …

पहली चुदाई में मैंने नेहा की सील तोड़ दी

मेरा नाम मधुर है और मैं बी.टेक के फाइनल ईयर का स्ट…

गदराई लंगड़ी घोड़ी-3

आप लोग पिछले भागों में पढ़ ही चुके हैं कि मेरी उम्र…

रेलगाड़ी में मिली एक यौवना

प्रिय दोस्तो, जैसा मैंने पिछली कहानी ‘दिल्ली की साक्ष…

गान्डू भाई ने बहन की चूत चुदवा दी -1

दोस्तो.. मैं आरूष दिल्ली से हूँ। मैं आज जो कहानी लि…