मोहिनी सूरत थी उसकी !
प्रेषक : अजय सिंह अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा …
पाँच सौ का नोट
सभी पाठकों को मेरा नमस्कार, पाठिकाओं को मेरे खड़े ल…
केले का भोज-5
मैं कुछ नहीं सुन पा रही थी, कुछ नहीं समझ पा रही थ…
केले का भोज-4
क्षितिज कहीं पास दिख रहा था। मैंने उस तक पहुँचने क…
मासूम यौवना-18
लेखिका : कमला भट्टी पहले मेरा मज़े लेने की कोई इच्छा…
चिरयौवना साली-24
लेखिका : कमला भट्टी कम्बल में घुसते ही जीजाजी ने बा…
प्यास भरी आस: एक चाह-3
उसने कहा- अच्छा जी? इतना घमण्ड है खुद पर? मैं बोला-…
मेघा की तड़प-2
कहानी का पहला भाग: मेघा की तड़प-1 मेघा घर चली आई।…
जिन्दगी के दो हसीन तोहफे-2
रेखा भाभी की चूत मेरे वीर्य से पूरी भर गई और भाभी …
चिरयौवना साली-22
लेखिका : कमला भट्टी मैं पहुँची तो वे सड़क पर लेफ्ट-र…