कमाल की हसीना हूँ मैं-46

शहनाज़ खान इस दौरान मैं कई मर्तबा झड़ी और मेरी चूत न…

जब पहली बार मुझे सेक्स के बारे में पता चला-2

पिछले भाग में आपको मैंने बताया था कि मेरे दोस्त अश…

नया मेहमान-3

मैं घर चला आया, मेरा दूसरा कदम भी कामयाब रहा। घर …

कमाल की हसीना हूँ मैं-24

मैं उसके लंड की टिप को अपनी चूत की दोनों फाँकों क…

कमाल की हसीना हूँ मैं-32

“आज मैं आपके बेटे की बीवी हूँ।” “लेकिन पहले तू मे…

कमाल की हसीना हूँ मैं-34

“मम्मऽऽऽ… शहनाज़… मीऽऽऽऽ… ऊँमऽऽऽऽ… तुम बहुत सैक्सी ह…

प्यार में चुदाई की दास्तान.. जिसमें धोखा मिला

दोस्तो.. मेरा नाम नरेश है.. मैंने अन्तर्वासना पर बहु…

नवाजिश-ए-हुस्न-3

लेखक : अलवी साहब पूरी बस खाली थी, हम दोनों अन्दर अ…

कमाल की हसीना हूँ मैं-31

कुछ देर बाद हम वहीं आराम करके अपने कपड़े पहन कर बा…

कमाल की हसीना हूँ मैं-23

मैं उत्तेजना में अपनी दोनों जाँघों को एक दूसरे से …