भाभीजान की चूत और गान्ड की चुदाई
मेरे दोस्तो, मैं आपका दोस्त तस्सुव्वर ख़ान, मैं लाया ह…
धोबी घाट पर माँ और मैं -6
मैं भी झाड़ियों के पीछे चला गया और पेशाब करने लगा।…
बहन का लौड़ा -54
अभी तक आपने पढ़ा.. रोमा के जलवे देख कर नीरज का लौड़…
कुंवारी सीमा की चूत की चुदास
दोस्तो, कहानी शुरू करने से पहले आप सबको मेरी तरफ स…
धोबी घाट पर माँ और मैं-3
सुबह की पहली किरण के साथ जब मेरी नींद खुली तो देख…
माँ बेटी को चोदने की इच्छा-44
अभी तक आपने पढ़ा… अब शायद उनमें फिर से जोश चढ़ने लग…
बरसों की प्यास पर प्यार की बरसात – 2
मेरे प्यारे मित्रो, आपने मेरी पिछली कहानी को पढ़ा और…
बहन का लौड़ा -59
अभी तक आपने पढ़ा.. रोमा- देख लो, ये तो कितने आराम …
चूत जवां जब होती है- 8
‘कर तो रहा हूँ वत्सला… चाट रहा हूँ न… बस अभी तुम्हे…
मेरा गुप्त जीवन -8
एक दिन ऐसे ही घूमते हुए मैं अपने घोड़ों के अस्तबल क…