तेरी याद साथ है-17
प्रेषक : सोनू चौधरी रिंकी की अक्षतयोनि का शील भंग क…
मुझे मिली इक माधुरी-2
प्रेषक : धीरज मैंने कहा- एक बात कहूँ? वो बोली- कहो…
इस चुत की प्यास बुझती नहीं- 2
मैंने अपने फुफेरे भाई का लंड अपनी चूत में कैसे लि…
शराब और शवाब
दोस्तो, मैं आपको एक चुदाई का किस्सा सुनाता हूँ… चुद…
आंटी की कामुक चाल ने मेरी वासना जगायी
अपनी पढ़ाई के लिए मैं पापा के बॉस के घर में रहता थ…
अब दिल क्या करे-2
कहानी का पहला भाग: अब दिल क्या करे-1 मैं बिल्कुल नं…
सभी को मौका मिलता है
प्रेषक : रौनक मकवाना मेरा नाम रौनक है, मैं मुंबई क…
इस चुत की प्यास बुझती नहीं- 3
कालगर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैं काम के सिलसिले …
रेल गाड़ी में 69
नमस्कार…मैं एक बहुत ही हंसमुख स्वभाव का पढ़ा लिखा इन्…
खुली आँखों का सपना-2
खुली आँखों का सपना-1 पहले भाग में मैंने अपने स्कूल…