जिस्मानी रिश्तों की चाह-54
सम्पादक जूजा मैं अपने शुरू होने वाले नए कारोबार के…
इब तो बाड़ दे -1
प्रेम गुरु द्बारा सम्पादित एवं संशोधित प्रेषक – जीत श…
मासूम अक्षतयौवना-1
यह कोई मनघड़न्त कहानी नहीं, मेरी आपबीती है। मैं अजम…
जुलाई 2016 की लोकप्रिय कहानियाँ
प्रिय अन्तर्वासना पाठको जुलाई महीने में प्रकाशित कहान…
पलक और अंकित
जैसा कि मैंने आपसे कहा था, मैं पलक और अंकित की अध…
बाथरूम का दर्पण-5
मैं रोनी सलूजा एक बार फिर आपसे मुखातिब हूँ। मेरी …
कुछ इस तरह दिलाई मेरे मोबाइल ने चूत-1
दोस्तो.. मुझे तो आप सब पहले से ही जानते हो, मेरा न…
भाभी संग मेरी अन्तर्वासना-2
अब तक आपने पढ़ा था कि भाभी मुझे छेड़ने लगी थीं और म…
दोस्त को जन्मदिन का तोहफ़ा-2
अब तक आपने पढ़ा.. मेरे दोस्त बृजेश ने मुझसे जन्मदिन …
मुझे जीना सिखा दिया-1
यूँ तो कहानी लिखना कोई नई बात नहीं है पर यह कहानी…