मेरा गुप्त जीवन- 170
अगले दिन बारात का दिन था तो सभी उस काम में व्यस्त थ…
काम की चाह-3
दूसरे दिन मेरा पूरा बदन दर्द हो रहा था मेरे पूरे ब…
लिव इन कैरोल-3
प्रेषक : मुकेश कुमार दिन की घटना को सोच कर फिर उत्त…
माया मेम साब-3
प्रेषिका : स्लिमसीमा कहानी का दूसरा भाग : माया मेम…
हम भी इन्सान हैं-2
प्रेषक : सिद्धार्थ शर्मा मार्च अप्रैल में हमारे इम्तिहान…
इक्कीसवीं वर्षगांठ-3
प्रेषिका : शिप्रा सुबह आठ बजे जब पापा ऑफिस चले गए त…
मेडिकल गर्ल्ज़ हॉस्टल
प्रेषक : नीलिमा यादव दोस्तो, मेरा नाम नीलिमा है। आप…
पहली चुदाई के बाद लण्ड का चस्का लगा
बात उन दिनों की है.. जब मैं कानपुर में हॉस्टल में …
मेरा पहला अफसाना
मेरा नाम विशाल है और मेरे साथ हुई पहली घटना आपके …
मेहमानघर-1
लेखक : नितेश शुक्ला हमारे पिताजी गाँव के मुखिया थे…