पतिव्रता नारी-1

लेखिका : नेहा वर्मा मैं दिल्ली में एक ऑफ़िस में काम …

बोनस में चूत के साथ दस करोड़ भी

सुबह के 4 बज रहे थे और मैं रोज़ की तरह अपनी सास के…

मौसी की चूत में गोता -2

अब तक आपने पढ़ा था कि मैं मौसी के जिस्म से छेड़खानी …

जब पहली बार मुझे सेक्स के बारे में पता चला-4

साथियो.. जब मैंने अपना लण्ड सोनिया के सामने खोला त…

जिस्मानी रिश्तों की चाह -6

सम्पादक जूजा अब तक आपने पढ़ा.. उसने एक ही झटके में …

मेरी पहली गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई

हाय दोस्तो, मैं विवेक हूँ। अन्तर्वासना पर यह मेरी पह…

जिस्मानी रिश्तों की चाह -9

सम्पादक जूजा कंप्यूटर स्क्रीन उनके सामने थी और की बोर्…

जब पहली बार मुझे सेक्स के बारे में पता चला-2

पिछले भाग में आपको मैंने बताया था कि मेरे दोस्त अश…

उसका खड़ा नहीं हुआ फिर

एक दिन सुबह सुबह में नेट पर बैठा था, मेरा दिल गे …

अब मैं किससे प्यार करूँ-3

प्रेषक : संजय सिंह मैंने उसकी आँखों में आँखें डाल …