मेरी चालू बीवी-115
सम्पादक – इमरान मैं बहुत तेजी से धक्के लगा रहा था, …
मेरी चालू बीवी-116
सम्पादक – इमरान मामाजी- अरे, यह अंकुर कहाँ चला गया…
सपना और एकता की बजा दी-1
Sapna Aur Ekta ki Baja Di-1 सबसे पहले मैं अन्तर्वास…
मेरी चालू बीवी-117
सम्पादक – इमरान रानी भी बहुत गर्म हो गई थी, सही माय…
अपनी बाबू की सील तोड़ी
Apni Babu Ki Seal Todi नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अमि…
अन्तहीन कसक-2
Antheen Kasak-2 मैं घर चला आया लेकिन मेरा मन बिल्क…
जन्मदिन के उपहार में गाण्ड मरवाई-2
Janamdin ke Upahar me Gaand Marvai-2 मैं काफ़ी देर…
चुदाई का लण्ड बदल गया
Chudai Ka Lund Badal Gaya हैलो दोस्तो, मेरा नाम प्र…
डबलबेड पर डबल चूत चुदाई
अमित और राहुल दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे, उन्होंने का…
अन्तहीन कसक-1
अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम उदित…